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बैकलिंक कैसे बनाये how to create backlink hindi me jankari

आज हम आपको बताएंगे की बैकलिंक कैसे बनाते हैं | बैकलिंक कई तरह की होती है और इसे बनाने के बहुत सारे तरीके भी होते हैं | सभी बैकलिंक से जुडी जानकारियां आपको आज जानने को मिलेगी | पोस्ट पूरा जरूर पढ़ें |

 

बैक लिंक कैसे बनाये how to create backlink in hindi

 

introduction

जैसा कि आज ब्लॉगिंग के क्षेत्र में सभी लोग एक – दूसरे के पोस्ट से आगे निकलना चाह रहे हैं , और यह चाहते हैं कि उनका पोस्ट किसी भी सर्च इंजन में सबसे पहले दिखे। इस पर्तिस्पर्धा को देखते हुए गूगल ने नए नियम के तहत कई सारे मानदंडों को तय किया है। इन मानदंडों/ नियमों को पूरा करते  ही आपका पोस्ट निश्चित रूप से किसी भी सर्च इंजन में प्रथम स्थान प्राप्त सकता है। गूगल के नए नियम के अनुसार बैक लिंक भी अधिक महत्व रखता है।

बैक लिंक क्या होता है ( what is backlink in hindi ) –

बैक लिंक का सामान्य तौर पर अर्थ यह समझ सकते हैं कि किसी भी पोस्ट को दूसरे पोस्ट से जोड़ना बैक लिंक कहलाता है। यह बैक लिंक किसी दूसरे वेबसाइट के पोस्ट से भी जोड़ा जा सकता है और स्वयं के वेबसाइट से भी यह बैक लिंक बनया जा सकता है। यह बैक लिंक किसी भी प्लेटफार्म से बनाया जा सकता है जैसे – यूट्यूब youtube  , फोटो गैलरी photo gallery , ब्लॉग पोस्ट blogg post  , कोरा quora , व्हाट्सएप whatsapp  , फेसबुक facebook  आदि।

 

बैक लिंक कितने प्रकार के होते हैं ( how many types of backlink ) –

बैक लिंक दो प्रकार के होते हैं – नो फॉलो बैक लिंक ( no follow backlink ) और डु फॉलो बैक लिंक( do follow backlink )

नो फॉलो बैक लिंक – वह देख लिंक होता है जिस पर आपके वेबसाइट का एड्रेस तो दिखाई देगा , किंतु उस लिंक को क्लिक करके आप अपने पोस्ट पर डायरेक्ट जा नहीं सकते। इस प्रकार के बैकलिंक नो फॉलो बैक लिंक कहलाते हैं।

डू फॉलो बैक लिंक – वह होता है जो किसी अन्य व्यक्ति के पोस्ट आदि से आपके पोस्ट और वेबसाइट को लिंक प्राप्त होता है। यह लिंक ब्लू कलर/ नीला रंग  का होता है जिस पर आप क्लिक करके डायरेक्ट अपने वेबसाइट अथवा पोस्ट पर आ सकते हैं।

 

बैक लिंक कैसे बनाएं ( how to create backlink hindi me jankari )

बैक लिंक बनाने के लिए अनेक प्रकार के हथकंडे अपनाए जाते हैं , जिसमें मुफ्त प्रक्रिया ( free method )  और भुगतान प्रक्रिया ( paid method )  भी प्रयोग किया जाता है।

मुफ्त प्रक्रिया ( free method ) –

इस में आप किसी भी वेबसाइट की पोस्ट को खोल कर उसके नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपने कमेंट उस पोस्ट्स से संबंधित और अपने पोस्ट का लिंक वहां पर देंगे तो उस वेबसाइट के मालिक द्वारा आपको डु फॉलो बैक लिंक प्राप्त होने की संभावना रहती है। open any post -> scrol down and go to comment box -> write comment -> write email address -> pest your post address -> subbmit .

इस लिंक को प्राप्त होते ही आपकी वेबसाइट की रैंक (rank) निश्चित रूप से बढ़ेगी।  इस लिंक की प्राप्ति के उपरान्त  कोई भी पाठक उस वेबसाइट पोस्ट सेलिंक के माध्यम से  आपके पोस्ट पर डायरेक्ट और स्वतंत्र रूप से आ सकता है।

गेस्ट पोस्ट ( write guest post ) –

गेस्ट पोस्ट लिखकर किसी भी आप बैकलिंक प्राप्त कर सकते हैं। आप बड़ी वेबसाइट जैसे – स्पीकिंग ट्री speaking tree ,  एनबीटी NBT  , शाउट मे लाउड Shout me loud , ऐसे वेबसाइट पर आप गेस्ट पोस्ट लॉगइन कर वहां अपने बेहतरीन पोस्ट लिख सकते हैं। पोस्ट लिखने से  संभावना रहती है कि उस वेबसाइट का मालिक आपके पोस्ट को स्वीकृति देते हुए उसे अपने वेबसाइट पर प्रेषित कर सकता है। जिसके माध्यम से आपको डु फॉलो लिंक मिलता है।

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि यह गेस्ट पोस्ट आपको किसी बड़ी वेबसाइट लिखने से आपके वेबसाइट की रैंकिंग और उसकी वैल्यू अधिक बढ़ने की संभावना बरकरार रहती है। एक प्रकार से यह लिंक आपकी वेबसाइट के लिए एनर्जी बूस्टर का कार्य करती है।

=>Ghar baithe paisa kamane ka aasan tarika 

डायरेक्टरी सबमिशन लिस्ट ( directory submission list ) –

यह ऑनलाइन फ्री सुविधा है जिसमें आप लॉग-इन करके अपने रैंक करवाने वाले पोस्ट के लिंक को इस वेबसाइट पर पेस्ट करेंगे , जिसके माध्यम से यह वेबसाइट अधिक से अधिक ट्रैफिक आपके वेबसाइट पर भेजता है। इसके लिए आपको हर एक पोस्ट के लिए मेहनत करनी पड़ेगी इसमें लिंक का कॉपी पेस्ट करना होगा।

 

भुगतान प्रक्रिया ( paid method ) –

SEO की दृष्टि से लिंक बनाने कि जो प्रतिस्पर्धा आज बाजार में चल रही है,  इसका लोगों ने व्यापार करने के लिए भी प्रयोग किया है। अर्थात लोग ऑनलाइन ऐसी सुविधा मुहैया कराते हैं जिसके माध्यम से वह आपके समक्ष कुछ पैसों का मांग / डिमांड रख कर आपको उसके अनुसार बैक लिंक बनाकर देने को तैयार रहते हैं।  ऐसे में आप उनके पास भी अपनी बैकलिंक बनाने का सहारा ले सकते हैं।

आपको फाइबर (fiver.com) पर ऐसे अनेक सर्विस प्रोवाइडर मिल जाएंगे जो आपको अपने द्वारा तय की गई राशि के भुगतान के उपरांत आपके लिए बैकलिंक बनाने को तैयार होते हैं।

इसमें आपको सावधानी बरतने की आवश्यकता रहती है , पैसा भुगतान करने से पूर्व उस सर्विस प्रोवाइडर का रैंक Rank  उस वेबसाइट की स्थिति और पूर्व जिन्होंने उनसे सर्विस ली हो उन सब की राय/विचार (comment )   अवश्य देखनी चाहिए।

इस आर्डर को बुक करने के लिए आप पेपल अकाउंट (paypal account )  डेबिट कार्ड ( debit card ) क्रेडिट कार्ड ( credit card ) अथवा पेटीएम ( payTM ) के द्वारा भी भुगतान कर सकते हैं।

डी.ए और पी.ए क्या होता है ? what is the DA (domain authority) & PA (page authority) 

डी.ए डोमेन अथॉरिटी ( domain authority ) , पी.ए. अथॉरिटी ( page authority )  कहलाता है। DA , PA  ही एक ऐसा माध्यम है जो वेबसाइट के गुणवत्ता और उसके मूल्य को दर्शाता है।

जिस किसी वेबसाइट का डी.ए DA  और पि.ए. PA  ऊंचा होगा वह वेबसाइट निश्चित तौर पर सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। गूगल नए मानदंडों के अनुसार DA , PA के आधार पर वेबसाइट की रैंकिंग निश्चित करता है।

किसी भी वेबसाइट का DA , PA काफी लंबे संघर्ष और कार्य क्षमता के अनुसार बढ़ता है। डी.ए. ,  पी.ए. को बढ़ाने में बैक लिंग का अहम योगदान रहता है।

जितनी श्रेष्ठ वेबसाइट से आपको बैकलिंक प्राप्त होगी उतना ही आपके वेबसाइट का रैंक ऊंचा होगा उसका नाम ऊंचा होगा।

जब कभी आप अपने डोमेन को बेचेंगे / सेल करेंगे तो डोमेन अथॉरिटी और पेज ऑथरिटी  के आधार पर ही आपके वेबसाइट के मूल्य का आकलन किया जाता है।

 

लो क्वालिटी बैक लिंक ( Low quality back link ) –

लो क्वालिटी बैक लिंक से हमारा सम्बन्ध घटिया वेबसाइट से है , जो अश्लीलता से ओतप्रोत होता है , और समाज के कल्याण के विरुद्ध हो। इस प्रकार की वेबसाइट जो समाज में घृणा और अश्लीलता का संचार करती है। ऐसे वेबसाइट से  प्राप्त बैकलिंक आपके डोमेन अथॉरिटी और पेज ऑथरिटी को गिराता है।

यह गूगल पर आपके वेबसाइट की छवि / महत्व  को घटिया तौर पर दिखाता है।

एक पोर्न या निम्न स्तर की साइट से प्राप्त बैक लिंक आपके वेबसाइट को निम्न स्तर तक पहुंचा देता है। अतः इस प्रकार के वेबसाइटों से बैक लिंक लेने से बचना चाहिए।

 

हाई क्वालिटी बैक लिंक ( high quality backlink )  –

हाई क्वालिटी बैकलिंक्स से हमारा संदर्भ उस वेबसाइट से प्राप्त बैंक लिंक से है , जिसका डोमेन अथॉरिटी DA  और पेज अथॉरिटी PA  काफी उच्च हो। उस प्रकार की वेबसाइट जिनका  डी.ए.DA ,  पी.ए.PA  उच्च होगा उस वेबसाइट से प्राप्त 1 – 1 ( एक -एक ) बैकलिंक की वैल्यू / महत्व अधिक होगी।

ऐसे वेबसाइटों से प्राप्त एक( 1 ) बैंक लिंक भी सौ (100)  वेबसाइटों के समान होती है।

समझने को यूं समझ सकते हैं कि एक देश का प्रधानमंत्री किसी व्यक्ति विशेष  का नाम लेता है , तो उस व्यक्ति की वैल्यू / महत्व  अन्य हजारों व्यक्तियों के नाम लेने की तुलना में अधिक रहती है।

ठीक इसी प्रकार आप की वेबसाइट को प्राप्त एक गुणवत्ता वाली बैक लिंक अनेकों बैक लिंक्स से अधिक महत्वपूर्ण रहता है।

 

अधिक गुणकारी बैक लिंक ( High priority type backlink ) –

बैक लिंक बनाते समय आपको ध्यान रखना चाहिए कि आपकी वेबसाइट जिस क्षेत्र ( टेक्नोलॉजी , शिक्षा , न्यूज़ आदि )  की है , उस क्षेत्र के वेबसाइट से ही आप बैक लिंक प्राप्त करें तो बेहतर होगा।

जैसे आपकी वेबसाइट किसी शिक्षा से संबंधित है तो आपकी बैक लिंक अधिक से अधिक शिक्षा जगत वाली वेबसाइट से ही हो तो बेहतर है।  या फिर आपकी वेबसाइट टेक्नोलॉजी से संबंधित है तो आपकी वेबसाइट की बैक लिंक टेक्नोलॉजी क्षेत्र के वेबसाइटों से ही होना चाहिए। यह आपके वेबसाइट की गुणवत्ता को बढ़ाता है।

ऐसा ना हो कि आपकी वेबसाइट हिंदी शिक्षा से जुड़ी हो और आप किसी इंग्लिश वाले टेक्नोलॉजी वेबसाइट से बैक लिंक प्राप्त कर रहे हो ,  तो इस प्रकार की बैक लिंक आपकी वेबसाइट पर उतना असर नहीं डालती जितना हिंदी शिक्षा से जुड़ी वेबसाइट असर डालती है।

 

इंटरनल लिंक क्या होता है ( what is the internal link ) –

आपकी वेबसाइट में अनेकों – अनेक पोस्ट होते हैं , उन पोस्ट को एक – दूसरे से लिंक करना अर्थात एक पोस्ट में दूसरे पोस्ट का पता / लिंक  देना यह इंटरलिंक internal link  कहलाता है।

ध्यान रहे यह एक वेबसाइट के अंदर की निहित अनेको पोस्ट को आपस में लिंक करता है।

 

एक्सटर्नल लिंक ( external link ) –

एक्सटर्नल लिंक वह होता है जो अपने पोस्ट को लिखते समय किसी दूसरे व्यक्ति के वेबसाइट के पोस्ट का विवरण / पता अपने पोस्ट में देते हैं।

इसके माध्यम से कोई भी पाठक आपके द्वारा प्रदान किए गए इस लिंक के माध्यम से दूसरे व्यक्ति के वेबसाइट पोस्ट तक स्वतः क्लिक करके जा सकता है।  इस प्रकार के बैक लिंक एक्सटर्नल बैक लिंक कहलाते हैं

एक्सटर्नल बैंक लिंक –  यूट्यूब youtube , फेसबुक facebook , टि्वटर twitter , इंस्टाग्राम instgaram , या फिर किसी अन्य व्यक्ति के ब्लॉक पोस्ट blog post address /url  का एड्रेस भी हो सकता है।

 

क्वालिटी कंटेंट ( quality content kya hota hai )-

किसी भी वेबसाइट को बढ़ने में उसका प्राण तत्व उसका कंटेंट अर्थात लेख होता है। आप ब्लॉग लिखने तभी आते हैं जब आपको लिखने अथवा जानकारी साझा करने मैं आनंद आता है , या आप अपनी जानकारी साझा करना चाहते हैं।

ठीक आप के प्रकार की सोच रखने वाले लाखों लोग इस प्रकार के पोस्ट लिखते हैं।  पाठक तभी आपका पोस्ट पढ़ेगा जब आपका पोस्ट किसी अन्य व्यक्ति से अलग और संपूर्ण हो।

अतः किसी भी वेबसाइट का लेख ठीक होना उसकी वेबसाइट के डी.ए domain authority   और पि.ए. page authority  का निर्धारण करता है।

अतः किसी भी वेबसाइट को आगे बढ़ाने SEO अथवा अनेक मानदंडों का पालन करने से पूर्व , उसका लेख आकर्षक और जानकारी से परिपूर्ण तथा अन्य लेखकों से अलग होना चाहिए।
क्वालिटी कंटेंट होने के कारण ही आपकी वेबसइट का पता अन्य लोग आपकी पोस्ट और अपने ब्लॉग में लिंक रूप में  परिचय कराते हैं , अर्थात आपको बैक लिंक देते हैं।

 

निष्कर्ष –

समग्रतः  कहा जा सकता है कि आपकी वेबसाइट को एक अच्छा मुकाम पर पहुंचाने के लिए बैक लिंक (back link )  की बेशक आवश्यकता रहती है। यह गूगल के नए नियम के अनुसार काफी अहम है , कि आप को अधिक से अधिक बैकलिंक प्राप्त हो।  किंतु बैक लिंक बनाते समय आपको थोड़ी सी सावधानी बरतनी आवश्यक है।

यदि आप ब्लॉगिंग के क्षेत्र में नए हैं तो आप लिंक बनाने के लिए पैसा खर्च करने से बचे। आपको बैकलिंक्स से अधिक कंटेंट के क्वालिटी पर ध्यान देने की आवश्यकता है। आप ऐसा क्वालिटी कंटेंट लिखे , जो किसी भी अन्य लोगों से अलग हो , आकर्षक हो , पूर्ण जानकारी से युक्त हो। ऐसे में संभावना रहती है कि पाठक आपकी वेबसाइट पर अधिक से अधिक समय व्यतीत करेगा।  जिसके कारण आपकी वेबसाइट का महत्व भी बढ़ेगा।

निश्चित रूप से बैक लिंक आवश्यक है , किंतु बैकलिंक बनाते समय किसी नए वेबसाइट ( new website )  और किसी अश्लील ( harmful , voilance etc. ) व निम्न स्तर की वेबसाइट से बैक लिंक लेने से बचें। हो सकता है आपका प्रतिस्पर्धी ( any competitor ) आपके वेबसाइट अथवा पोस्ट का लिंक किसी ऐसे निम्न स्तर की वेबसाइट पर डाल सकता है , जिसके कारण आपके वेबसाइट का स्तर नीचे गिर सकता है। ऐसे में समय-समय पर अपने बैक लिंक को चेक करते रहें और इस प्रकार की बैक लिंक को स्वयं समय निकालकर डिलीट ( delete ) disavow करते रहे।

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