इंटरनेट क्या है पूरी जानकारी के साथ

आज हम आपको इस लेख के माध्यम से इंटरनेट क्या है, इतिहास क्या है, फायदे और नुकसान के बारे में जानेंगे ।

आज के इस इंटरनेट की दुनिया में व्यापार से लेकर बैंकिंग, कम्युनिकेशन, टेक्नोलॉजी, एजुकेशन और मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। आज के युग में बिना इस के हम अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते।

इसने हमारी बहुत से समस्याओं का हल चुटकियों में कर दिया है।  वहीं हमारे लिए बहुत सी नई समस्याओं का जन्म भी दिया है।

इंटरनेट क्या है? ( What Is Internet )

इंटरनेट एक-दूसरे से जुड़े कई कंप्यूटरों का एक जाल है , जो राउटर व सर्वर के माध्यम से दुनिया के किसी भी कंप्यूटर को एक-दूसरे से साथ जोड़ता है।

या फिर कहें तो ऐसा यंत्र है जिसकी मदद से हम किसी भी सूचना को कुछ ही सेकेंडों में एक जगह से दूसरे जगह आदान-प्रदान करने के लिए TCP/IP Protocol के माध्यम से दो कंप्यूटरों के आपस में जुड़ने के सम्बन्ध को इंटरनेट कहते हैं। आज की पूरी दुनिया इससे जुड़ गई है और हर इंसान इंटरनेट चलाने में माहिर बन चुका है।

इसकी मदद से आज कई सारे लोग अपने घर बैठे ऑनलाइन काम कर रहे हैं.

इसी वजह से इंटरनेट आज की दुनिया में काफी तेजी से बढ़ता दिख रहा है।

इंटरनेट का इतिहास ( History Of Internet )

इंटरनेट की शुरुआत सबसे पहले अमेरिका सेना द्वारा पेंटागन अमेरिका , अमेरिका के रक्षा विभाग द्वारा कि गई थी।

सन् 1960 में ARPANET जिसका मतलब ( Advance Research Project Agency ) नाम का एक Networking Project लॉन्च किया गया था।

इस प्रोजेक्ट का इस्तेमाल युद्ध में समय बिना मुश्किलों के सामना किया गोपनीय सूचना को आदान प्रदान करने और संचार व्यवस्था को मजबूत और सुरक्षित रखने के लिए किया गया था।

उसके बाद इंटरनेट से मिलने वाले लाभ को देखकर वैज्ञानिक, मिलिट्री और शोधकर्ता इसका उपयोग करने लगे।

इसके बाद देखते ही देखते इंटरनेट की नेटवर्क ने पूरी दुनिया में अपनी ओर आकर्षित कर लिया है।

सबसे पहले इंटरनेट की शुरुआत Vinton Gray Cerf और Bob Kanh नाम के दो व्यक्ति ने सन् 1979 में की थी। इसलिए इन्हे इंटरनेट का जनक भी कहा जाता है।

सबसे पहले ईमेल सन् 1972 में रेटॉमलिंसन ने भेजा था।

इंटरनेट को आम जनता के लिए सन् 1989 में खोल दिया गया, जिससे इंटरनेट का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर लोगों द्वारा किया जाने लगा। इसके बाद वर्ष 1993 में ग्रोफिक वेब ब्राउजर और मोजाइक सॉफ्टवेयर ( MOSAIC SOFTWARE ) खोज किया गया।

ब्रिटिश के शासन काल में इंटरनेट का पहली बार इस्तेमाल सन् 1979 में प्रौद्योगिकी के रूप में किया गया था।

सन् 1984 में इंटरनेट की नेटवर्क से 1000 से ज्यादा कंप्यूटर जुड़ गए, लेकिन इसके बाद यह नेटवर्क पूरी दुनिया में एक विशाल रूप धारण कर लिया है जैसे-जैसे इंटरनेट यूजर की आबादी दिन प्रतिदिन बढ़ती गई और नए नए आविष्कार होता चला गया।

इंटरनेट की पहली वेबसाइट कौन थी?

इंटरनेट का पहला वेब पेज बर्नर्स-ली ( Berners Lee) के द्वारा 6 अगस्त सन् 1991 में लाइव आया था। यह वल्ड  वाइड वेब प्रोजेक्ट की जानकारी के लिए समर्पित किया था।

यह वेब पेज आज भी लाइव है। चाहें तो आप जाकर देख सकते है।

इंटरनेट कैसे काम करता है? How does the Internet work?

क्या आपके मन में भी यह सवाल आता है कि इंटरनेट कैसे काम करता है? इसका जवाब नीचे है

इंटरनेट सेटेलाइट के द्वारा भी चलता है। परन्तु आज हम जिस इंटरनेट का प्रयोग कर रहे हैं वो सेटेलाइट से नहीं बल्कि ऑप्टिकल फाइबर केवल के द्वारा हम तक पहुँता है।

ऑप्टिकल फाइबर केवल को सबमरीन केवल भी कहा जाता है।

आज हम जिस इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहें हैं. वो तीन प्राइवेट कंपनियों के बदौलत हम तक पहुँचता है। ये तीन कंपनियों को हम अलग अलग हिस्सों में बाट लेते हैं. Tier 1, Tier 2, Tier 3

Tier 1 इस हिस्से में वो सारी कम्पनियां आती है।  जो समुन्द्र के अंदर ऑप्टिकल फाइबर केबल को पूरी दुनियाभर में फैला रखे हैं
इन्हीं केबल के माध्यम से पूरी दुनियाभर के सारे सर्वर एक दूसरे से कनेक्ट रहते हैं।

Tier 2 में दुनिया में जितने भी टेलीकॉम कंपनियां हैं जैसे एयरटेल, जियो, आइडिया, वोडाफोन सारी कम्पनियां आती है. इसी के माध्यम से इंटरनेट हम तक पहुँचता है।

Tier 3 इस हिस्से में दुनियाभर में जितनी सारी लोकल क्षेत्र के छोटी छोटी कंपनियां वो आती है।

भारत में इंटरनेट कब आया? ( When did the internet come to India )

भारत में इंटरनेट की शुरुआत 14 अगस्त 1995 में हुई थी लेकिन इसे आम जनता के लिए 1 दिन बाद 15 अगस्त 1995 को (VSNL) यानी “विदेश संचार निगम लिमिटेड” द्वारा चालू किया गया था।

  • उस समय इस की स्पीड मात्र 8-10 Kbps थी. लेकिन आज ऐसा नही है, इस समय स्पीड काफी ज्यादा है।
  • जब भारत में पहली बार इंटरनेट की शुरुआत हुई थी तो इस नेटवर्क से केवल 25-30 कंप्यूटर ही जुड़े थे और उस समय खर्च भी काफी ज्यादा था।
  • उस समय ज्यादा कनेक्शन न होने की वजह से 9-10 kbps स्पीड के लिए उन्हें मासिक खर्चा 500 से 600 रूपये के आसपास आता था।

भारत में 90 के दशक में इंटरनेट का तेजी से विकास हुआ और इसकी पहुँच देश-दुनिया कोने-कोने में हो गई।

जबकि आज में समय इंटरनेट प्रत्येक व्यक्ति के पास पहुँच चुका है और तकनीक से लेकर व्यापार, पढ़ाई, चिकित्सा, सरकारी कार्यों इत्यादि को करने में इंटरनेट का उपयोग किया जाता है।

आज के इस दौर में दुनिया का कोई ही ऐसा क्षेत्र नहीं है जहाँ Internet का उपयोग नहीं हो रहा है।

हर क्षेत्र में Internet का प्रयोग किया जाता है। कहा जया जाता है की इंटरनेट का आविष्कार को दुनिया के सबसे सफल आविष्कारों में सबसे एक है।

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निष्कर्ष –

उपर्युक्त अध्ययन से स्पष्ट होता है कि इंटरनेट की शुरुआत किन परिस्थितियों में की गई थी। आरंभिक कार्य किस प्रकार के हुआ करते थे और वर्तमान समय में इसकी उपयोगिता किस प्रकार की है।

वर्तमान समय के संदर्भ में कहें तो आज बिना इंटरनेट के सूचनाओं का आदान-प्रदान तथा मानव से संबंधित सभी गतिविधियां अधूरी है।

यहां तक की पावर ग्रिड का संचालन भी कंप्यूटर के माध्यम से किया जाता है। इससे ही आप अनुमान लगा सकते हैं कि आज के दौर में इंटरनेट कितना अहम भूमिका में है।

इंटरनेट की पहुंच आज लगभग प्रत्येक व्यक्ति के पास हो चुकी है तथा हो रही है ऐसे में किसी भी प्रकार की आवश्यकता की पूर्ति इस के माध्यम से होती है। कोई भी उत्पाद खरीदना हो उसके लिए सारा बाजार आज Internet पर उपलब्ध है। कोई चिट्ठी , संदेश आदि भेजना है वह सभी इस के माध्यम से सुलभ है।

आशा है यह लेख आपको पसंद आया हो , आप ही ज्ञान की वृद्धि हो सकी हो।

इंटरनेट के संबंध में किसी प्रकार के प्रश्न आप हमसे कमेंट बॉक्स में लिखकर पूछ सकते हैं।

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